
काशी से, आस्था के साथ
आचार्यअभिषेक मिश्रा
आकाश में अनंत।जीवन में अर्थ।
कथा, वैदिक परंपरा और आध्यात्मिक संवाद।
एक यात्रा, स्वयं को समझने की।
परिचय
आचार्य अभिषेक मिश्रा
कथा · पूजन · आध्यात्मिक संवाद
काशी से जुड़े आचार्य अभिषेक मिश्रा के सार्वजनिक कार्य में कथा, पूजन और आरती के स्वर एक साथ दिखाई देते हैं।
उनके सार्वजनिक परिचय में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी का उल्लेख है। कथा और पूजन के इन क्षणों को उनके प्रवचनों और सार्वजनिक पोस्ट में देखा जा सकता है।
“अकेला चलना पड़े तो परेशान नहीं होना क्योंकि श्मशान, शिखर, सिंहासन पर व्यक्ति अकेले ही बैठता है।”Facebook पर सार्वजनिक परिचय

कथा एवं प्रवचन
कुछ क्षण,
श्रवण के नाम।
आचार्य जी के स्वर में कथा, संकीर्तन और आरती। जहाँ शब्दों से आगे, अनुभूति आरंभ होती है।
सभी वीडियो देखेंश्रीमद्भागवत कथा
11:27राधा रानी का संकीर्तन
सुदामा चरित्र
अजामिल की कथा
महामृत्युंजय जप में शिव आरती
महामृत्युंजय जप में गणेश पूजा
कलश यात्रा
दुर्गा जी की आरती
अग्नि स्थापन एवं पूर्णाहुति
वैदिक दृष्टि
समय, कर्म
और संभावनाएँ।
आकाश की ओर देखने का एक अर्थ अपने भीतर देखना भी है। परंपरा से प्रेरित चिंतन, जीवन के प्रश्नों के साथ।
वैदिक दृष्टि में समय केवल बीतता नहीं, संकेत भी देता है।
हर प्रश्न का केंद्र मनुष्य का विवेक, उसका कर्म और उसका संकल्प है।
पूजन, साधना और संवाद जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों को अर्थ देते हैं।

काशी का सान्निध्य
जहाँ हर संध्या,
एक प्रार्थना है।
घाटों की शांति। आरती का स्वर। परंपरा से जुड़ने और मन को ठहरने देने का एक क्षण।
सारनाथ पूजन समारोहसंवाद
आपका प्रश्न।
संवाद की शुरुआत।
कथा आयोजन, पूजन या वैदिक मार्गदर्शन के विषय में आचार्य जी से संपर्क करें।
वाराणसी, भारत